हरिया रोज़ दूध में पानी मिलाकर गाँव वालों को बेचता था। वह सोचता था — ‘थोड़ा-सा पानी कौन देखेगा।’ गाँव वाले भी धीरे-धीरे उस पर शक करने लगे।”
20.07.2025 03:13